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जलवायु परिवर्तन की समस्या से उभरने के लिए संरक्षित खेती जरूरी- डा. परौदा।

स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय संगोष्ठी में 30 वैज्ञानिकों को अवार्ड देकर किया गया सम्मानित।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में शनिवार को बदलती जलवायु व्यवस्था के तहत सब्जी उत्पादन में तकनीकी नवाचार विषय पर स्वर्ण जंयती राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। विवि में 37 वर्षों के बाद यह इस गोल्डेन जुबली राष्ट्रीय संगोष्ठी मनाने का अवसर प्राप्त हुआ है।

देश एवं प्रदेश स्तर के वैज्ञानिकों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर कृषि जगत में सब्जी विज्ञान के क्षेत्र को गौरवान्वित करने वाले 30 वैज्ञानिकों को अवार्ड देकर सम्मानित किया गया।

डा. कीर्ती सिंह लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड 2021 डा. अनिलआभा दास मुंशी और डा. प्रणव हजारा को 2022 डा. कीर्ती सिंह लाइफ अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया। मुख्यअतिथि डा. आर.एस परौदा को कुलपति ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

गोल्डेन जुबली सेमिनार को बतौर मुख्यअतिथि संबोधित करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के पूर्व महानिदेशक एवं पदमश्री से सम्मानित डा. आर.एस परौदा ने कहा कि विदेशों से आयात हुए बीजों के साथ कुछ विषाणु जनित रोगों का आना वर्तमान समय में प्रमुख समस्या है।

इसके लिए हमें कम मात्रा विदेशों से बीजों का आयात करना चाहिए। दो वर्ष तक परीक्षण करने के पश्चात ही उपयोग में लाना चाहिए। किसानों के लिए अच्चे गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराने के लिए प्राइवेट बीज कंपनियों तथा सरकारी संस्थाओं को सहभागिता के साथ कार्य करना होगा। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन जैसी मुख्य समस्या से उभरने के लिए संरक्षित खेती पर जोर देना होगा।

डा. परौदा ने बताया कि भुखमरी को दूर करने तथा पोषण सुरक्षा बढ़ाने के लिए सब्जी एक मुख्य विकल्प है जिसके उत्पादन के साथ-साथ उपभोग करने में भी भारत एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भारत विदेशों में सब्जियों को निर्यात करने में एक सक्षम देश बन चुका है। वर्तमान समय में सब्जियों के जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की जरूरत है।

भारतीय कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल नई दिल्ली के सदस्य डा. मेजर सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन को देखते हुए नए प्रजनन विधियों के द्वारा सब्जियों के बीज को तैयार किए जाने की जरूरत है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद दिल्ली के सहायक महानिदेशक ने कहा कि जलवायु परिवर्तन हम सभी के लिए एक बड़ी चुनौती है।

इस परिवर्तन के कारण पिछले कुछ समयों में सब्जियों के उत्पादन एवं क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है। जलवायु परिवर्तन का सब्जियों के उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील किया कि बदलते जलवायु परिवर्तन के लिए नए अनुसंधान की आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृषि विवि के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि बताया कि 37 वर्षों के बाद विवि में इतना बड़ा कार्यक्रम आयोजित होना पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है।

सभी वैज्ञानिकों का स्वागत करते हुए कहा कि सब्जियों के उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता बनाए रखने पर आगे भी कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सब्जियों में नवाचार पर अनुसंधान के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार करने की जरूरत है। कुलपति ने कहा कि विवि सब्जियों की विभिन्न किस्मों पर कार्य कर रहा है जो देश के सभी हिस्सों में अच्छा उत्पादन देगी।

वहीं कृषि जगत में सब्जी विज्ञान के क्षेत्र को गौरवान्वित करने वाले 26 वैज्ञानिकों को आईएसवीएस फेलो अवार्ड देकर सम्मानित किया गया। जिसमें कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह, डा. सुधाकर पांडेय, डा. मेजर सिंह, डा. नीरजा प्रभाकर, डा. राजेश कुमार, डा. एन.सी गौतम, डा. डीपी सिंह, डा. उमेश श्रीवास्तव, डा. मथुरा राय, डा. पी.एस, नायक, डा. के.वी लवांडे, डा. नजीर अहमद, डा. टी.आर गोपालाकृष्णन, डा. ए.पी राय, डा. एस.आर शर्मा, डा. सुबोध जोशी, डा. प्रीतम कालिया, डा. एस.के दादलानी, डा. जे.सी राजपूत, डा. नारायण चावला, डा. डी.आर भारद्वाज, डा. बागेश तिवारी को सम्मानित किया गया। चार वैज्ञानिकों को डा. हरभजन सिंह अवार्ड से सम्मानित किया गया।

इससे पूर्व सभी अतिथियों ने आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं जल भरो के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। छात्राओं ने विवि कुलगीत प्रस्तुत कर सभी अतिथियों का स्वागत किया। सभी अतिथियों को कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह ने शॉल, पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।

कृषि महाविद्यालय आजमगढ़ के एसोसिएट डीन डा. डी.के सिंह एवं वानिकी अधिष्ठाता डा. संजय पाठक के संयोजन में कार्यक्रम आयोजित हुआ। स्वागत संबोधन डा. डा. टी.के बहेरा एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव डा. संजीत कुमार ने किया। इस मौके पर विभिन्न संस्थानों से आए निदेशक, कुलपति, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं विवि की कमेटी के सभी अध्यक्ष, सह अध्यक्ष एवं सदस्य मौके पर मौजूद रहे।

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