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आंदोलन के लिए उकसाने में कृषि विवि का एक छात्र निष्काषित।

छात्र के आत्महत्या मामले के बाद हंगामा एवं अभद्र टिप्पणी में सात अन्य छात्रों पर भी हुई कार्रवाई।

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में एक माह पूर्व हुए छात्र यशपाल की आत्महत्या मामले के बाद छात्रों को आंदोलन के लिए उकसाने एवं अभद्र टिप्पणी मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। विवि के मीडिया प्रभारी आशुतोष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रों के खिलाफ सीधे निष्काषन की सजा नहीं सुनाई गई है। विवि में गठित जांच कमेटी ने अपनी बातों को रखने के लिए छात्र-छात्राओं को बुलाया था जिसमें छात्र ऋषभ मिश्रा के अलावा कोई भी आरोपी छात्र जांच कमेटी के सामने उपस्थित नहीं हुआ। यह कार्रवाई वीडियो फुटेज, विवि के अन्य छात्र-छात्राओं, सुरक्षा कर्मी, सहायक छात्रावास एवं छात्रावास अधीक्षकों द्वारा आरोपी छात्र-छात्राओं को चिह्नित करने के बाद समिति की संस्तुति एवं विद्वत परिषद के निर्णय के बाद जारी किया गया है।

विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी आशुतोष सिंह ने बताया कि पीएचडी छात्र ऋषभ मिश्रा को विश्वविद्यालय से अंतिम रूप से निष्काषित कर दिया गया है, जबकि पहचान होने के बाद अन्य सात छात्रों के खिलाफ भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई की है। विवि प्रशासन द्वारा स्नातक के दो छात्रों को परिवीक्षा अवधि में रखा गया है साथ ही डिग्री पूर्ण करने के बाद इस विश्वविद्यालय में दो वर्षों तक प्रवेश लेने से वंचित किया गया है। इसी क्रम में स्नातकोत्तर के दो छात्रों का वर्तमान द्वीतीय सेमेस्टर शून्य घोषित किया गया है और स्थाई रूप से छात्रावास से निष्काषित किया गया है। ये छात्र डिग्री पूर्ण करने के बाद इस विश्वविद्यालय में दो वर्षों तक प्रवेश लेने से वंचित कर दिए गए हैं। तीन पीएचडी के छात्रों का वर्तमान सेमेस्टर शून्य घोषित करते हुए छात्रावास से स्थाई रूप से निष्काषित कर दिया गया है। छात्रों के कार्रवाई के संबंध में सोमवार को कुछ समाचार पत्रों में भ्रामक जानकारी प्रकाशित की गई थी।

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